Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan : RMSA के तहत शिक्षित भारत कैसे बना  

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Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan : RMSA के तहत शिक्षित भारत कैसे बना 

Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan भारत के भुतपुर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ने वर्ष 2009 में शुरू किया था इस अभियान को शुरु करने का लक्ष्य ये था के गाँव देहात (ग्रामीण/ शहरी) क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए इस के लिए केन्द्र सरकार ने प्रति एक घर के उचित दुरी पर विधालय खोलने का फैसला लिया था 

ताकि लोग अपने बच्चों को बिना संकोच किये स्कुल भेज कर उनको शिक्षा प्राप्त करने का एक मौका दिया जा सके और घर के नज़दीक में विधालय खोलने के साथ साथ विधालय में खाने पिने और शौचालय जैसे व्यवस्था को बनाये रखने पर भी काम किया गया था ताकि माध्यमिक वर्ग के बच्चे अगर स्कूल जाए तो किसी भी प्रकार के उनको असुविधा महसूस न हो

और बच्चे वहाँ पर प्रसन्नता के साथ पढ़ाई करे इस अभियान को शुरू करने के बाद समाज में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है और आज के दौर में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा का लेबल काफी हद तक बढ़ गया है लोग अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए बढ़ चढ़ कर हिस्सा भी ले रहे हैं।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान

(What is Rmsa) Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan In Hindi

Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan Assam / Rajasthan /MP / भारत के लम सम हर राज्यों में इस अभियान को शुर कर दिया गया है क्योंकि Madhyamik Shiksha Abhiyan को शुरू करने से पहले माध्यमिक शिक्षा का उद्देश्य था के आने वाले पाँच वर्ष में ( मतलब की वर्ष 2017 तक ) विधालय को ज़्यादा से ज़्यादा निर्माण करने के बाद

शिक्षा प्राप्ति के लिए माध्यमिक स्तर पर नामांकन दर लम सम 90 प्रतिशत और उच्च माध्यमिक स्तर पर 75 प्रतिशत बच्चों को विधालय से जोड़ा जाना था और वर्ष 2020 तक शत प्रतिशत बच्चे स्कूल कॉलेजों में शिक्षा हासिल करने के लिए कार्यरत होना चाहिए इस लिए केन्द्र सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा के कार्य को इतना बड़ा अंजाम तक पहुँचाया गया था।

RMSA के तहत प्रदान की जाने वाली महत्वपूर्ण भौतिक सुविधाएँ

Madhyamik Shiksha Abhiyan के तहत मिलने वालीसुविधाएँ कुछ इस प्रकार है

अधिक से अधिक क्लास रुम का निर्माण कराना, प्रयोगशाला का निर्माण पर ध्यान देना, लाईब्रेरी बनवाना, आर्ट एंव क्राफ़्ट रुम का सुविधा प्रदान कराना, माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल का उपलब्ध करवाना, अधिक संख्याओं में शौचालय का निर्माण करना , शिक्षक एंव स्टूडेंट के लिए हॉस्टल मुहैया कराना, आदि।

 ( रमसा) के अंतर्गत प्रदान किया गया महत्वपूर्ण गुणवत्ता युक्त शिक्षा

गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए कॉलेजों में शिक्षकों ( PTR ) के संख्या बढ़ाने पर भी जोड़ दिया गया है हर 30 छात्रों पर एक शिक्षकों का बहाली होने का प्रावधान रखा गया है साथ में Madhyamik Shiksha Abhiyan के अंतर्गत गणित, विज्ञान, और इंगलिश जैसी पाठ्यक्रम पर ध्यान केन्द्रित किया गया है

और समय समय पर शिक्षकों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षण भी होना चाहिए इन सारी बोतों पर Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan के तहत ध्यान केन्द्रित कराया गया है ताकि समाज में बच्चों को अच्छी सुविधा के साथ शिक्षा प्राप्त हो सके।

माध्यमिक शिक्षा अभियान के परिचय 

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ( RMSA ) भारत सरकार की शिक्षा के दिशा में यह एक  प्रमुख अभियान शरू किया गया है देश में माध्यमिक शिक्षा अभियान रमसा के तहत वर्ष २००९ में शिक्षा के आचरण को बढ़ावा देने के लिए शरू किया गया था इस योजना को लागू होने से पहले माध्यमिक शिक्षा हासिल करने के लिए

छात्र छात्राओं के लिए इतना ज्यादा मात्रा में कॉलेजों का सुविधा नहीं था और जो भी स्कूल कॉलेज थे उसमें किसी भी प्रकार का अच्छा साधन नहीं था हर स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों कि कमी साथ ही साथ शौचालय खाना पीना जैसे सुविधा भी नहीं मिलता था जिसके के चलते बच्चों को भी पढ़ाई करने में  दिलचस्पी नहीं रहती थी इन सारी समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा Rashtriya Madhyamik Shikhsha Abhiyan ( RMSA ) को लांच किया गया।  

माध्यमिक शिक्षा के उद्देश्य

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की स्थापना 2019 में होने के बाद शिक्षा के दिशा में गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त कराने के दिशा में वो सारी सुविधाएँ प्रदान कि जा रही है जो कॉलेज और स्कूलों में कमी थी जैसे की 14 से 18 वर्ष के छात्रो को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया कराना

और Secondary Education के लिए विधियार्थी के घर से उचित दुरी पर स्कूल/कॉलेजों को खोलना ताकि विकलांग और माध्यम वर्ग के छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए कही दूर का सफर न करना पड़े और बगैर किसी भेद भाव को शोषित और वंचित अनुश्चित जाती अनुसूचित जनजाति के साथ पिच्छड़ा अति पिच्छड़ा सभी को Quality Education देने का उद्देश्य रखा गया है। 

Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan ( UPSC)

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के बारे में UPSC/IAS /BSC जैसे उच्च परीक्षाओ में हमेशा प्र्शन पूछा जाता है और इस योजना के डिटेल में जानकारी देने के लिए कहा जाता है इन साड़ी चीज़ों को देखते हुए इस आर्टिकल के माध्यम से Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan के बारे में डिटेल्स में वर्णन किया गया है 

सबसे पहले Primary Education के लिए अभियान शरू किया गया था प्राइमरी एजुकेशन के अंतर्गत बच्चो को जन्म होने के बाद 8 वर्ष तक उनको शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार था 6 साल से 14 साल के बच्चो को कक्षा 8वीं तक शिक्षा प्राप्त करने का पूरा अधिकार दिया गया था

बच्चो के घर से उचित दुरी मतलब के घर से 1 किलो मीटर के अंदर स्कूल का नर्माण कराया गया था ताकि बच्चो को ज्यादा दुरी का सफर न करना पड़े उनके साथ में बहुत सारी सुविधा जैसे खाना पीना और छात्रवर्ती के रूप में राशि प्रदान करना ये सारी सुविधाएँ मुहैया कराई जाए

उसके बाद और उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan शुरू किया गया राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का नारा (Slogan)  है “ पढ़े चलो , बढ़े चलो “ यह योजना भारत सरकार सन 2009 में लेकर आयी थी और इस योजना का नाम माध्यमिक शिक्षा अभियान रखा गया था

और :माध्यमिक “ का मतलब है ( Secondary Education ) और माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 14 वर्ष से 18 वर्ष के छात्रो को कक्षा 9 से कक्षा 10 तक के शिक्षा देने का अधिकार दिया गया था और प्राइमरी एजुकेशन के अंतर्गत पढ़ रहे विधियार्थियों के लिए घर से उचित दुरी पर मतलब के 5 किलोमीटर से 7 किलो मीटर के दायरे में स्कूल निर्माण कराया गया था साथ में छात्रविर्ती , खाने-पीने का वयवस्था कपड़ा आदि प्रदान कराया गया था।

Rashtriya Madhyamik Shiksha AbhiyanLogo Of Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan

ध्यान रहे के परीक्षा में Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan Logo के बारे में भी प्रशन पूछा जा सकता है Logo चेक करने के लिए Madhyamik Shiksha Abhiyan Website पर जा कर चेक कर सकते हैं और साथ ही Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan PDF फाइल भी डाउनलोड कर सकते हैं। 

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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लक्ष्य 

इस योजना की शरुआत करने से पहले सन 2005 – 2006 में Secondary Education के लिए एडमिशन करने वाले विध्यार्थी की कुल संख्यां 52% था लेकिन माध्यमिक शिक्षा अभियान का असल लक्ष्य ये था की आने वाले पांच वर्षों में 2009 से 2014 तक माध्यमिक शिक्षा के दिशा में एडमिशन दर को 75% तक बढ़ाया जाये और साथ में रमसा का असल लक्ष्य ये था की बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिया जाये। 

साथ में सन 2017 तक भारत सरकार ने ये लक्ष निर्धारित किया था की शत प्रतिशत माध्यमिक शिक्षा (Secondary education) के लिए एडमिशन देश के कोने कोने में हर बच्चो का होना चाहिए।   

और सन 2020 तक देश के हर बच्चों के अंदर शिक्षा के दिशा में उनका कदम बढ़ना चाहिए और शिक्षा लेने के लिए दिलचस्पी बढ़नी चाहिए।    

What Are The Objectives Of Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan 

गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए 3 प्रकार के सुविधा RMSA के तहत प्रदान किया गया है 

1   Physical Facility ( बुनियादी तौर पर स्कूल/कॉलेज मे बुनियादी ढांचे का विकास करना) 

 अतरिक्त क्लास रूम का निर्माण होना 

आर्ट क्राफ्ट का रूम का निर्माण 

स्कूल में लाइब्रेरी का होना  

शिक्षकों के लिए हॉस्टल का सुविधा होना अगर स्कूल आउट एरिया में है तो  

शुद्ध नल का जल मुहैया करना 

शौचालय को ब्लॉक लेबल पर तैयार करना 

Quality Intervention (गुणवत्ता हस्तक्षेप)

शिक्षकों को अधिक मात्रा में बहाली होनी चाहिए ताकि PTR ३० बच्चो पर एक शिक्षक का बहाली होना चाहिए 

विज्ञान , गणित , इंग्लिश , और कंप्यूटर की पढाई और शिक्षकों को समय समय पर उनको ट्रेनिंग आदि पर शिक्षा के दिशा में ध्यान केंद्रित होना चाहिए  

3   Equity Intervention 

लड़कियों के लिए अलग शौचालय का ब्लॉक का निर्माण होना चाहिए

मइक्रोप्लैंनिंग करनी चाहिए  

एस सी / एस टी / ओ बी सी और विकलांग वर्ग के छात्रों के लिए विशेष रूप से सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए।  

योजना का नाम  राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान 
शरू क्या गया   प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की  शरुआत  वर्ष 2009 में 
माध्यमिक शिक्षा का उद्देश्य क्या है  पुरे देश में बच्चो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर के पुरे भारत को को शिक्षित देश बनाना है 
Rmsa full form  राष्ट्रिय माध्यमिक शिक्षा अभियान 
RMSA पोर्टल  https://www.education.gov.in/hi/rmsa_integrated-hindi

माध्यमिक शिक्षा की चुनौवतियाँ 

होने वाली राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा की चुनौतियाँ : माध्यमिक शिक्षा की समस्या क्या क्या है 

बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के दिशा में सब से बड़ी समस्या ये होती है के उनके घर के आर्थिक स्थिति का कमज़ोर होना साथ में स्कूल कॉलेज के अंदर लाइब्रेरी का न होना मुफ्त किताब सरकार के ओर से न मिलना साथ ही सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी होना अभी भी बहुत सारे ऐसे स्कूल हैं जहा पर हर एक विषय को पढ़ने के लिए शिक्षक मौजूद नहीं है जिसके कारण बच्चो की पढ़ाई अच्छे से नहीं होती है ये सारी समस्याएं चुनौती से भाड़ा है। 

Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan

गंभीर बीमारी सहायता योजना

RMSA के अंतर्गत विशेष समूहों के लिए विशेष प्रावधान 

ऐसे बच्चे और बच्चियॉं जो SC / ST / OBC और अति पिच्छड़ा समुदाय से आते हैं ऐसे छात्र छात्राओं के लिए सरकार द्वारा विशेष ध्यान रखा गया है खास तौर पर उनके लिए सबसे पहले एडमिशन का होना यूनिफार्म मुहैया करना और मुफ्त शिक्षा देना  उसके साथ फिक्स डिपोजिट के तौर पर केवल रु 3000 जमा करा कर लड़कियों के लिए कैंपस के परिसर में हॉस्टल का सुविधा प्रदान कराने का प्रावधान रखा गया है।

Support By Govt In Madhyamik Shiksha Abhiyan

Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan शरू करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था ताकि इस योजना के तहत देश में शिक्षा के दिशा और दशा में अच्छा सुधार हो सके इसके लिए 

शरुआती दौर में रमसा शरू किया गया था तो 75% योगदान केंद्र सरकार द्वारा और 25% का योगदान राज्य सरकार द्वारा किया जाता था और पूर्वी राज्यों में 90% का योगदान केंद्र सरकार और 10% का योगदान eastern state के माध्यम से किया जाता था

और 2016 में  सरकार के ओर से 60% और राज्य सरकार द्वारा 40% का योगदान शरू किया गया था फिर बारह साल बाद का प्लान ये तय हुआ की 50% का कंट्रीब्यूशन केंद्र सरकार द्वारा और 50% का योगदान राज्य सरकार करेगी और ये रेश्यो अभी तक चल रहा है। 

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