Livestock Insurance Scheme PDF : पशु बीमा योजना हरयाणा बिहार

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पशु बीमा योजना

Livestock Insurance Scheme PDF : पशु बीमा योजना हरयाणा बिहार

Livestock Insurance Scheme भारत सरकार द्वारा प्रायोजित स्कीम है गाँव में रह रहे गरीब पशुपालकों के लिए अच्छी खबर लेकर आइ है दोस्तों आप ने पहले सुना होगा की गाड़ियों की बीमा कराई जाती है इंसानों का भी बीमा कराया जाता है

जैसे ( Life Insurances ) और इस के लिए बहुत सारी बीमा कंपनियाँ भी है जो विभिन्न प्रकार का बीमा योजना चला रही है लेकिन अब पशु बीमा योजना की भी शुरुआत हो चुकी है 

और इस योजना के तहत पशु का बीमा कराया जाता है Pashu Bima Yojana Haryana के अंतर्गत दुर्भाग्यवश पशुपालकों का पशु किसी कारण मर जाता है

तो पशुपालकों को बीमा कवर दिया जाता है जिसके तहत पशुपालकों को कुछ हद तक क्षतिपूर्ति किया जाता है नीचे लेख में बताया गया है के आप कौन कौन से पशु का बीमा करा सकते हैं और कौन से पशु के मर जाने पर कितना बीमा कवर दिया जाता है सारी डीटेल नीचे बताया गया है।

Livestock Insurance Scheme

पशुधन बीमा योजना क्या है – Cattle Insurance Notes 

Pashu Bima Yojana – Cattle Insurance Notes केन्द्र सरकार प्रायोजित योजना है इस योजना की शुरुआत वर्ष 2005 से 2008 तक प्रयोग के तौर पर देश के 100 ज़िलों में शुरू की गई थी

लेकिन जैसे जैसे लोगों तक इसका लाभ पहुँचता गया केन्द्र सरकार पुरे देश के हर राज्य जैसे पशुधन बीमा योजना हरियाणा उत्तर प्रदेश बिहार राजस्थान जैसे अन्य राज्यों के जिला में पशुधन बीमा योजना की शुरुआत कर दी गई है

इस पशु बीमा योजना की प्रीमियम 50% तक अनुदान के रुप में होता है और Pashudhan Bima Yojana के तहत गाय,भैंस, बकरी, सुअर, और ऊँट जैसे और अन्य जानवरों का बीमा पशुपालक करा सकते हैं।

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राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना का उद्देश्य

जैसे के आप सबको मालूम होगा भारत के 60 प्रतिशत आबादी गाँव में रहते हैं इस लिए कहा भी जाता है के ,, भारत गाँव में बसता है ,, और गाँव में रह रहे लोग सबसे ज़्यादा गरीब होते हैं

पशुपालन करना उनका पेशा होता है और कितने लोगों का जीवन यापन भी पशुपालन से ही होता है अगर किसी कारण दुर्भाग्यवश उनके पशु मर जाता है 

तो एसे लोगों को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ता था और वो इतना सक्षम भी नहीं रह पाता है की  वो नया पशु ख़रीद सके, इन सभी समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने पशु बीमा योजना हरियाणा की शुरुआत की है

जिसका उद्देश्य है की पशुपालकों को पशु के मृत्यु हो जाने की स्थिति में उनको पशु बीमा योजना के तहत उनका क्षतिपूर्ति किया जाए ताकि उनसे वो कोई दुसरा जानवर ख़रीद सके।

कौन कौन से पशुओं का बीमा निकाला जाता है

अपने पशु का बीमा शुरू करने से पहले ये जानना ज़रूरी होगा की कौन कौन सा जानवर का बीमा निकाल सकते हैं और जानवरों का उम्र सीमा किया होनी चाहिए

तो बता दें दोस्तों दुधारू गाय या जो गाय दुध ना देती हो उसका भी बीमा निकाल सकते हैं चाहे गाय देसी हो या कोई और बीमा शुरू करने के लिए गाय का उम्र 3 से 4 वर्ष के अंदर होनी चाहिए

इसी प्रकार से भैंस का भी बीमा निकाल सकते हैं भैंस का उम्र 4 से 12 वर्ष तक होना चाहिए तब ही बीमा का योग्य माना जाएगा

दुधारू गाय और भैंस में ऐसे भी जानवरों का बीमा निकाल सकते जो कम से कम एक बार बछड़े को जन्म दिया है।

इसी प्रकार से भेंड़ बकरी सुअर और ख़रगोश का बीमा भी निकाल सकते हैं इन सारे जानवरों का उम्र 1 वर्ष से 6 वर्ष के अंदर ही होना चाहिए।

घोड़ा गधा सांड और ऊँट इन सबका भी बीमा निकाल सकते हैं इस का आयु 2 वर्ष से 12 वर्ष के जानवरों का बीमा निकाल सकते हैं।

एक पशुपालक कितने पशुओं का बीमा निकालने के पात्र होंगे

दोस्तों Livestock Insurance Scheme के तहत एक पशुपालक पाँच दुधारू जानवरों का बीमा निकाल सकते हैं चाहे पाँच दुधारू गाय के रुप में हों या पाँच दुधारू भैंस के रुप में या फिर गाय भैंस दोनो मिलाकर पाँच जानवरों का बीमा ले सकते हैं

और छोटे जानवरों की बात करें जैसे भेड़ बकरी सुअर ख़रगोश जैसे जानवरों के लिए एक पशुपालक पाँच इकाइयाँ ( 50 पशुओं) का बीम एक साथ निकाल सकते हैं।

Livestock Insurance Scheme In India पशु का बीमा निकालने का प्रक्रिया

पशु का बीमा पशु के मौजूदा क़ीमतों पर निकाला जाएगा और ये क़ीमत तीन व्यक्ति द्वारा तय किया जाता है (१) पशु मालिक (२) पशु डॉक्टर (३) बीमा कंपनी

बीमा लेने के बाद पशु का पहचान होना जरुरी है उसके लिए Insurance कंपनी द्वारा पशु के कान पर पहचान के तौर पर टैग लगाया जाता है बीमा लेने के बाद किसी कारण पशु के कान पर लगा टैग गुम हो जाता है तो तुरंत बीमा कंपनी को खबर करना होगा ताकि दुसरा टैग पशु को दे सके।

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Pashudhan Bima Yojana Benefits ( Example )

पशु का नाम  पशु का कीमत  पालिसी  प्रीमियम दर  पशुपालक द्वारा निवेश राशि 
बकरी  रु 5000 – / 3 वर्ष  7.5 % रु 375 

लाभार्थी अगर BPL केटेगरी से हैं तो 70 प्रतिशत निवेश राशि पशुपालक विभाग द्वारा भरा जायेगा और 30 प्रतिशत राशि पशुपालक को भरना पड़ेगा ,

जैसे 

केटेगरी  पशु का नाम  पशु का कीमत  पालिसी  प्रीमियम दर  पशुपालक द्वारा निवेश राशि  पशुपालक विभाग द्वारा निवेश राशि
BPL  बकरी  रु 5000 – / 3 वर्ष  7.5 % रु 112   रु 263 

पशुपालक अगर गरीबी रेखा से ऊपर ( APL ) होगा तो 50 प्रतिशत प्रीमियम पशुधन बीम योजना द्वारा भरा जायेगा और 50 प्रतिशत प्रीमियम पशु मालिक द्वारा भरा जायेगा ,

जैसे  

केटेगरी  पशु का नाम  पशु का कीमत  पालिसी  प्रीमियम दर  पशुपालक द्वारा निवेश राशि  पशुपालक विभाग द्वारा निवेश राशि
APL  बकरी  रु 5000 – / 3 वर्ष  7.5 % रु 188    रु 188 

राष्ट्रीय पशुधन बीमा लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों की आवश्यकता पड़ेगी

कान में लगे टैग के साथ पशु का फोटो

पशुपालकों का पशु के साथ फोटो

पंजीकृत पशु डॉक्टर द्वारा पशु के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होगा।

ध्यान देने वाली बात ये है की अगर पशु पालक अपने पशु को किसी दुसरे व्यक्ति के हाथ बेचता है तो पशु बीमा दुसरे व्यक्ति के नाम पर करवाना होगा।

पशुधन बीमा योजना

Types Of Livestock Insurance – पशुधन बीमा योजना के पात्र

पशु बीमा योजना हरियाणा की भरपाई निम्नलिखित स्थित में मृत्यु होने पर मिलती है

किसी भी प्रकार का दुर्घटना जैसे बाढ़ आपदा भुखमरी जैसे प्रस्थिति में अगर पशु का मृत्यु हो जाता है तो Livestock Insurance Scheme के पात्र होंगे

किसी भी घातक बीमारियों का शिकार होकर मर जाना जैसे अधीन रेंडरपेस्ट , ब्लैक क्वार्टर, सैप्टिसिमीया, और हैमोरैजिक जैसे बीमारी के कारण मृत्यु होने की स्थिति में Pashu Bima का लाभ ले सकते हैं

आतंकवादी हमला, दंगा फसाद, भूकंप गाड़ी एक्सीडेंट्स आदि जैसे घटना के तहत मृत्यु हो जाने पर भी Pashudhan Bima Yojana Haryana का लाभ मिल सकता है।

Livestock Insurance Scheme के पात्र  कौन नहीं है

पशु बीमा योजना हरयाणा के अंतर्गत पंजीकृत होने के 15 दिनों के अंदर जानवरों का मृत्यु हो जाने पर बीमा क्लेम फॉर्म नहीं दिया जायेगा 

जान बूझकर ज़्यादा बोझ जानवरों पर लोड करना तथा लापरवाही के तौर पर किसी अन्य कामों के लिए जानवरों का उपयोग करना या फिर जानबूझकर पशु का हत्या करने तथा हवा व समुद्र द्वारा परिवहन के रुप में उपयोग करने हेतु पशुधन बीमा योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएँगे

जानवरों को बीमार हो जाने के बाद किसी भी तरह का इलाज न करवाना और जानवरों के कान में टैग नहीं लगा रहने के स्थिति में बीमा योजना के लाभ नहीं मिल पाएँगे।

टेबल 

योजना  पशुधन बीमा योजना / Livestock Insurance Scheme 
Livestock Insurance Scheme Launch Date  वर्ष 2005 – 08 तक प्रयोग के रूप में शुरू किया गया इस योजना  देखते हुए  लागू कर दिया गया। 
पशु बीमा योजना का लाभ  APL / BPL वर्ग के परिवार जिनके पास पशु जीवन यापन करने का साधन बना है उनके पशु का मिर्त्यु हो जाने पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दिया जायेगा। 
पशुधन बीमा योजना ऑफिसियल वेबसाइट  वेबसाइट 
Livestock Insurance Scheme PDF   यहाँ क्लिक करें  

Pashudhan Bima Yojana का राशि कैसे प्राप्त करें

अगर पशु का किसी कारणों से मृत्यु हो जाता है तो पशुपालक को निम्नलिखित डॉक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ेगी

क्लेम फ़ॉर्म

पॉलिसी पेपर

पंजीकृत पशु डॉक्टर द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट

मृत्यु पशु का तस्वीर जिस में पहचान वाला टैग कान में लगा हुआ रहना चाहिए।

राष्ट्रीय पशुओं का बीमा कौन सी कंपनी करती है  

इंडिया ओरिएंटल  इन्शुरन्स कंपनी 

IFFCO टोक्यो जनरल इन्शुरन्स कंपनी 

HDFC जनरल इन्शुरन्स कंपनी  

यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स कंपनी 

SBI जनरल इन्शुरन्स कंपनी 

TATA AIG इन्शुरन्स कंपनी 

रिलायंस इन्शुरन्स कंपनी 

ICICI जनरल इन्शुरन्स कंपनी 

और बहुत सी कंपनियां है जो पशुओं का बीमा करती है। 

आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के तहत सरकार का बड़ा एलान 

अक्सर लोगों द्वारा पूछे जाने वाला सवाल 

पशुधन बीमा योजना शुरआत कब हुई ?

Pashudhan Bima Yojana भारत सरकार द्वारा वर्ष 2006-08 तक देश के लम सम 100 जिलों में प्रयोग के रूप में शुरू कि गई थी। 

गाय भैंस और अन्य पशुओं का बीमा कैसे करें ? 

ऊपर दिए गए सारे दस्तावेज़ों के साथ पशु निति को देखते हुए अपने जिला के पशु विभाग के दिशानिर्देश अनुसार पशुओं का बीमा करवा सकते हैं

उसके लिए सबसे पहले पशु विभाग द्वारा पशु डॉक्टर से अपने पाहुओं का मेडिकल चेकअप करने के बाद पशु विभाग द्वारा पशु को प्रमाण के तासुर पर उनके कान में टैग लगाना होगा। 

पशुपालन के क्या लाभ हैं ?

पशुपालक अपने पशुओं से दूध निकल कर घर का खर्चा चला सकते हैं साथ में अगर गाय है या बैल है तो उनसे खेती का काम करा सकते हैं जैसे खेत में हल जोतना हुआ

और बहुत सरे अन्य काम में अपने जानवर को प्रयोग कर सकते हैं और पशु बीमा मिल जाने के बाद दुर्भावश अगर पशु किसी कारन मर जाता है है तो पशु विभाग द्वारा उसका क्षतिपूर्ति किया जाता है। 

पशुपालन के लिए सरकार कितना लोन देती है ?

दूध डेरी उद्योगों के लिए सरकार पशुपालन लोन कम से कम ब्याज पर 12 लाख तक दे रही हैं हरयाणा सरकार ने तो Haryana Pashudhan Bima Yojana के तहत पशु किसान क्रेडिट कार्ड भी बना रही है

जिसके तहत लाभार्थी केवल 4% ब्याज दर पर 3 लाख रूपये तक का लोन मुहैया कर सकते हैं। 

पशुधन बीमा योजना कौन कौन सा राज्य में उपलब्ध है ?

पशु बीमा योजना बिहार उत्तर प्रदेश राजस्थान हरयाणा आदि हर राज्य में शुरू हो चूका है।